बैंक एटीएम से अच्छी है पोस्ट ऑफिस की एटीएम जानिए कैसे

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : बैंक के अलावा पोस्ट ऑफिस भी पैसे सेव रखने का एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है. आजकल पोस्ट ऑफिस में  कई तरह के सेविंग अकाउंट्स जैसे सेविंग अकाउंट, रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट (RD), पब्लिक प्रविडेंट फंड (PPF), किसान विकास पत्र, मंथली इनकम स्कीम अकाउंट्स (MIS), सुकन्या समृद्धि योजना, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की सुविधा होती हैं ताकि आम आदमी से लेकर हर कोई अपने फ्यूचर के लिए पैसों को सेव करके रख सके. इन सभी खातों पर डाकघर अलग-अलग इंट्रेस्ट रेट देता है।

पोस्ट ऑफिस अपने सेविंग अकाउंट के साथ एटीएम कार्ड भी देता है, जिसमें एक फिक्स विदड्रॉल लिमिट और ट्रांजैक्शन चार्जेज होते हैं। indiapost.gov.in वेबसाइट के मुताबिक, इंडिया पोस्ट अपने सेविंग अकाउंट में जमा पर 4% की दर से ब्याज देता है।

पोस्ट ऑफिस के एटीएम कार्ड फैसिलिटी के बारे में जरूरी बातें

1 . इंडिया पोस्ट वेबसाइट के मुताबिक, आप पोस्ट ऑफिस के एटीएम कार्ड के जरिए रोजाना 25,000 रुपये निकाल सकते है.
2. पोस्ट ऑफिस के एटीएम कार्ड से सिंगल ट्रांजैक्शन में केवल 10,000 रुपये तक ही निकाले जा सकते हैं।
3. इंडिया पोस्ट अपने सभी  पोस्ट ऑफिस एटीएम पर फ्री ट्रांजैक्शंस की सुविधा प्रदान करता है।
4. पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों को पंजाब नैशनल बैंक (PNB) के एटीएम से भी फ्री ट्रांजैक्शंस की सुविधा देता है।
5. अगर पोस्ट ऑफिस के एटीएम का इस्तेमाल मेट्रो शहरों के दूसरे बैंकों के एटीएम पर किया जाता है तो केवल तीन ट्रांजैक्शंस ही फ्री होते हैं।

6. मेट्रो को छोड़कर बाकि शहरों के दूसरे बैंकों के एटीएम से इंडिया पोस्ट के ग्राहक 5 फ्री ट्रांजैक्शंस कर सकते हैं।
7.मेट्रो के साथ ही नॉन मेट्रो शहरों में ट्रांजैक्शन की लिमिट फाइनैंशल और नॉन फाइनैंशल ट्रांजैक्शंस को मिलाकर गिनती की जाती है।
8.एक फिक्स लीमीट पार करने पर बाकि बैंकों के एटीएम पर इंडिया पोस्ट के ग्राहकों को फाइनैंशल और नॉन फाइनैंशल ट्रांजैक्शंस के लिए एक फिक्स राशि का भुगतान करना पड़ता है।
9. इंडिया पोस्ट के मुताबिक, अन्य बैंकों के एटीएम पर फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म होने के बाद होने वाले हर फाइनैंशल ट्रांजैक्शन पर 20 रुपया प्लस जीएसटी चार्ज के रूप में देना होता है।
10. बाकि बैंकों के एटीएन पर फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म होने के बाद होने वाले हर नॉन फाइनैंशल ट्रांजैंक्शन पर 8 रुपये प्लस जीएसटी चार्ज के रूप में देना होता है।

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