राज्य भर की थोक व खुदरा दवा दुकानें रही बंद, मरीज हुए हलकान

बुधवार से भागलपुर के दवा कारोबारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए. इस दौरान जिले के सभी थोक एवं फुटकर दवा की दुकानें बंद रही. शहर के सभी दवा की दुकानों के बन्द होने मरीज दवा के लिए भटकते रहे. हालांकि मायागंज अस्पताल के बाहर स्थित दवा की दुकानों के खुले रहने के कारण यहां भर्ती मरीजों को दवा के लिए परेशानी नहीं हुई.

इस दौरान एमपी द्विवेदी रोड पर भागलपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम दास कोटरीवाला और सचिव प्रशांत लाल ठाकुर की अगुवाई में दर्जनों थोक एवं फुटकर दवा के दुकानदारों ने प्रदर्शन किया और धरना दिया. एसोसिएशन के सचिव प्रशांत लाल ठाकुर ने कहा कि दवा की दुकान के लिए फार्मासिस्ट की अनिवार्यता से जिले की आधी से अधिक दवा की दुकान बन्द हो जाएंगे.

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इसलिए जबतक फार्मासिस्ट की कमी पूरी नहीं होती है, तबतक इस नियम की आड़ में दवा कारोबारियों को औषधि विभाग द्वारा परेशान न किया जाय. अभी हम विरोध स्वरूप 24 जनवरी तक दुकान बंद के हड़ताल पर हैं. आगे मांग पूरी नही हुई तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे.इधर, राजधानी पटना में भी बंद का पूर्ण असर दिखा. देश के सबसे बड़े दवा मंडी गोविंद मित्रा रोड में भी सभी दुकानों के शट्टर गिरे रहे.

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