सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : वर्तमान समय में भारत में कुल 57 इंश्योरेंस कंपनियां हैं, जिसमें से 24 लाइफ इंश्योरेंस और 33 नॉन-इंश्योरेंस कंपनियां शामिल हैं. इसके अलावा 6 पब्लिक सेक्टर इंश्योरेंस कंपनियां (Public Sector Insurance Companies) भी शामिल हैं. नॉन-इंश्योरेंस सेक्टर के मामले में सबसे तेजी ग्रोथ हेल्थ इंश्योरेंस इंडस्ट्री (Health Insurance Industry) में देखने को मिल रही है. पिछले कई वित्त वर्षों में इस सेक्टर में ग्रोथ का आंकड़ा डबल डिजिट में देखने को मिल रहा है. फार्मा कंपनियां और प्राइवेट हॉस्पिटल्स (Private Hospitals) सबसे अधिक हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध करा रही हैं. मार्केट के लिहाज से इनकी हिस्सेदारी करीब 55 फीसदी से भी अधिक है.
हेल्थ इंश्योरेंस में क्या हैं तेजी के कारण
कुछ रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कई फैक्टर्स की वजह से इस सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिल रही है. गंभीर बीमारियों से होने वाले खर्च से बचने के लिए लोगों की रुचि हेल्थ इंश्योरेंस में बढ़ रही है. हाल ही में जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) बिजनेस में रिस्ट्रक्चरिंग की वजह से भी हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिल रही है. साथ ही, लोगों की जरूरत कि हिसाब से उन्हें अपने लिए इंश्योरेंस चुनने का बढ़ता विकल्प भी एक कारण है कि इस सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिल रही है. हालांकि, जानकारों की मानें तो सही मार्केटिंग स्ट्रैटजी की कमी भी इस सेक्टर के लिए आगे की ग्रोथ को रोक रहा है. अभी भी छोटे शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस चुनने वालों की संख्या में कुछ खास तेजी नहीं देखने को मिल रही है.
कुछ रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कई फैक्टर्स की वजह से इस सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिल रही है. गंभीर बीमारियों से होने वाले खर्च से बचने के लिए लोगों की रुचि हेल्थ इंश्योरेंस में बढ़ रही है. हाल ही में जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) बिजनेस में रिस्ट्रक्चरिंग की वजह से भी हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिल रही है. साथ ही, लोगों की जरूरत कि हिसाब से उन्हें अपने लिए इंश्योरेंस चुनने का बढ़ता विकल्प भी एक कारण है कि इस सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिल रही है. हालांकि, जानकारों की मानें तो सही मार्केटिंग स्ट्रैटजी की कमी भी इस सेक्टर के लिए आगे की ग्रोथ को रोक रहा है. अभी भी छोटे शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस चुनने वालों की संख्या में कुछ खास तेजी नहीं देखने को मिल रही है.
भारत में बीते कई सालों से ये ट्रेंड देखने को मिल रहा है कि बेहतर ट्रिटमेंट के लिए आम लोगों की रुचि प्राइवेट हॉस्टिपटल्स में अधिक बढ़ रही है. यही कारण है कि इस सेक्टर में प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों का बोलबाला देखने को मिल रहा है. इन हेल्थ इंश्योरेंस में कई तरह ही सुरक्षा की सुविधा मिलती है. लेकिन, क्या आपको कारोना वायरस जैसी गंभीर संक्रमित बीमारियों में हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ मिलेगा.
कोरोना वायरस के ट्रिटमेंट का खर्च 1 करोड़ रुपये
हाल ही में चीन के वुहान शहर में पहली बार कोरोना वायरस के बारे में पता चला है. अब तक इस वायरस से 400 से भी अधिक लोगों को संक्रमित पाया गया है. भारतीय मूल की प्रीति माहेश्वरी भी चीन में इस वायरस संक्रमित पाई गईं हैं. चीन में ही इनका इलजा चल रहा है. प्रीति को इस वायरस के प्रकोप से बचाने के लिए करीब 1 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च बताया गया है. व्यक्तिगत बचत से यह फंड जुटान प्रीति के परिवार के लिए मुमकिन नहीं है. यही कारण है कि उनके भाई मनीष थापाप इंपैक्टगुरु की मदद से 1 करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास कर रहे हैं. अभी तक प्रीति के लिए करीब 33 लाख रुपये जुटाया जा चुका है.
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