Breaking News

गांव के गरीब, महिलाएं सस्ती दर पर खरीद सकेंगी हीरो की साइकिल

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : साइकिल निर्माता कंपनी हीरो साइकिल्स ने दक्षिणी भारत में कम आय वाले परिवारों, छोटो व्यापारियों और खासतौर पर महिलाओं को साइकलें उपलब्ध कराने के लिए माइक्रोफाइनेंस कंपनी मुथुट माइक्रोफिन के साथ सामरिक साझेदारी की है। इस साझेदारी से भारत के गांवों में महिला उद्यमियों को कम लोन पर साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इस साझेदारी के तहत तमिलनाडु में माइक्रोफिन की 150 से अधिक शाखाओं के माध्यम से 6,00,000 से अधिक क्लाइन्ट्स हीरो साइकिल्स के ज़रिए किफ़ायती मोबिलिटी का लाभ उठा सकेंगे।

साइकिल लोगों की आय सुधारने में कामयाब

कंपनी का दावा है कि साइकिल्स गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। साथ ही पुरूषों और महिलाओं को आसानी से लम्बी दूरी तय करने और शिक्षा एवं रोज़गार के अवसरों की तलाश में मदद करेगी। साइकलों की उपलब्धता से स्कूलों में लड़कियों के नामांकन और उपस्थिति में भी सुधार होगा। बड़ी संख्या में लोगों को साइकलें उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका और आय में सुधार लाया जा सकता है।

112 मिलियन रुपए की होगी बचत

ऑल इण्डिया साइकिल मैनुफैचरर्स एसोसिएशन के शोध के मुताबिक, अकुशल कर्मचारी जो रोज़ाना अपने काम पर पैदल चलकर जाते हैं, और 3.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, इस दूरी को साइकल से तय करने पर कुल रु 112 मिलियन के यात्रा समय की बचत की जा सकती है। मुथुड़ माइक्रोफिन के सीईओ सदाफ सैयद ने कहा कि हमें खुशी है कि हम एक साथ मिलकर हम अपने ग्राहकों को सहज मोबिलिटी के साथ सक्षम बनाना चाहते हैं। इस साझेदारी के ज़रिए हम बड़ी संख्या में लोगों को आजीविका कमाने में सक्षम बनाएंगे।

Check Also

दिव्यांग आरक्षण के नियम क्या हैं ? What are the rules for disability reservation?

🔊 Listen to this सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांगों के लिए बिल्कुल निःशुल्क काम …