250 करोड़ रुपए खर्च हो गए रेलवे के लेकिन 63000 रेलवे ग्रुप डी के पद नहीं भरे क्यों रेल मंत्री की सफाई

सर्वप्रथम न्यूज़  : रेलवे की NTPC (नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी) की परीक्षा के लिए इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने परीक्षा के लिए टेंडर जारी कर दिया है. इस टेंडर का खर्च 251 करोड़ रुपये (2,51,07,33,621 रुपये) आएगा.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि फरवरी 2018 में रेलवे में 63 हजार रिक्तियों के लिए करीब 1.89 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए और लिखित परीक्षा का कार्यक्रम प्रक्रियाधीन है. तोशियास संस्था सचिव सौरभ कुमार ने रेलवे ग्रुप डी आरआरबी विज्ञापन संख्या-2/2018 मैं जो अनियमितता रेलवे ग्रुप डी मैं अनियमितता के खिलाफ दिल्ली से सीपीडी कोट और रेलवे से प्रमुखता से इस अनियमितता पर जवाब देने एवं दिव्यांग छात्रों की रेलवे में बहाली की बात को प्रमुखता से उठाया था इस बात को मानते हुए रेलवे ने 23 नवंबर को पटना में जो एमडी कैटेगरी के दिव्यांगों का सीट को खोला था उसके बाद रेलवे का कहना यह है

गोयल ने कहा, ‘रेलवे में लेवल-1 के तहत भर्ती की दो अधिसूचनाएं जारी की गई थीं. पहली अधिसूचना फरवरी 2018 में 63,000 रिक्तियों के लिए की गई और दूसरी अधिसूचना मार्च, 2019 में 1.03 लाख रिक्तियों के लिए की गई थी. पहली अधिसूचना के लिए लगभग 1.89 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे.’

वहीं, मार्च, 2019 में 1.03 लाख रिक्तियों के लिए जारी की गई अधिसूचना के तहत 1.25 करोड़ उम्मीदवारों ने आवेदन दाखिल किया था. लेकिन इन दोनों अधिसूचना के बाद परीक्षा नहीं हो सकी और कुल मिलाकर करीब 3 करोड़ उम्मीदवार इंतजार करते रहे.

दरअसल, आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा होने के कारण रेलवे इस परीक्षा को कंडक्ट करवाने में असफल रही है और यही कारण है कि वो इस परीक्षा के लिए किसी एजेंसी की तलाश कर रही है. पहले यह परीक्षा टीसीएस द्वारा कराई जाती थी. लेकिन टेंडर खत्म होने के कारण उम्मीदवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

नए टेंडर का आवेदन 26 अप्रैल 2020 तक ही स्वीकार किए जाएंगे. अनुमान लगाया जा रहा है कि टेंडर पक्का होने के एक से दो महीने के भीतर यह परीक्षा हो जाएगी. ऐसे में नौकरी का सपना देख रहे करीब 1.89 करोड़ उम्मीदवारों की इंतजार की घड़ी खत्म हो जाएगी.RRB NTPC नोटिफिकेशन के मुताबिक परीक्षा का आयोजन पिछले वर्ष (2019) जून से सितंबर महीने तक होना था. वहीं ग्रुप डी की परीक्षा सितंबर से अक्टूबर 2019 के बीच होनी थी. लेकिन एजेंसी नहीं मिलने के कारण अभी तक परीक्षा नहीं हो पाई. प्रमुख शिकायतकर्ता तोशियास संस्था सचिव सौरभ कुमार इस बात से संतुष्ट नहीं है और उन्होंने रेलवे को दिव्यांग छात्रों की नियुक्ति की बात की

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