दिव्यांग प्रमाण पत्र नवीनीकरण की प्रतिक्रिया क्या है

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : अधिनियम की धारा-53 के अन्तर्गत, अपील:-सक्षम अधिकारी द्वारा 30 दिन की समय सीमा के भीतर पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी न करने पर या समय सीमा में कोई जवाब न देने पर या रद्द करने पर अधिनियम की धारा 53 के अनुपालन में
सचिव, समाज कल्याण विभाग के समक्ष आवेदक 90 दिन के भीतर अपील कर सकता है। सचिव द्वारा
अपील को 45 दिन के भीतर निस्तारित किया जायेगा दिव्यांग प्रमाण पत्र बनने के बाद प्रत्येक 5 साल में  रिन्यूअल करवाना पड़ता है जब तक की दिव्यांग प्रमाण पत्र बनानेे का आयु 25 वर्ष हो जाए तब तक उसे अस्थाई दिव्यांग प्रमाण पत्र प्राप्त होता है 25 वर्ष के बाद दिव्यांग व्यक्ति को स्थाई दिव्यांग प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाता है ऐसा इसलिए कियाा जाता की मान लीजिए कि 5 साल में कहीं दिव्यांगता बढे या घटे तो उसमें सुधार किया जाए बहुत बार इस सत्यापन का आधार संबंधित डॉक्टरों पर भी निर्भर करता है की वह स्थाई दिव्यांगता को देखकर एक बार में ही प्रमाण पत्र स्थाई लिख देते हैं दिव्यांग जनों को को बता दे की उनके प्रमाण पत्र अस्थाई लिखा होना अनिवार्य होता है तब जाकर उन्हें बार-बार दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने से हमेशा के लिए इस समस्या से निजात मिलता है और कोई भी व्यक्ति उनके दिव्यांग के अधिकार से दिव्यांग व्यक्तियों को वंचित नहींं कर सकता अधिनियम की धारा-57 के अन्तर्गत, सक्षम अधिकारी :- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अधिनियम में विनिर्दिष्ट दिव्यांगताओं के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए सक्षम अधिकारियों की सूची जारी करेगा। समक्ष अधिकारी अधिनियम की धारा 57 उपधारा (१) व (2) तथा केन्द्रीय नियम 17 अनुपालन में दी गई शक्तियों का प्रयोग कर क्षेत्राधिकार के अनुसार दिव्यांगजन के लिए दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करेगा।

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