उर्जा का न तो निर्माण सम्भव है न ही विनाश; केवल इसका रूप बदला जा सकता है।

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : शिक्षा जगत में बच्चों में एक कलात्मक अधिगम उसके लिए बेहतर सोच संधार करने की क्षमता अपने आप में एक महान कला के रूप में जानी जाती है| मूलभूत तत्वों की ओर ध्यान आकर्षण करेंगे तो पाएंगे विषय वस्तु का ज्ञान केंद्र उसे अपने में आत्मसात करना होनहार विद्यार्थियों में अपने आप में एक कला होती है| हमेशा एक स्थिति बनी रहती है कि मुझे कुछ करना है ऐसे में ही हमारे कुछ बच्चे ऊर्जा संस्करण के क्षेत्र में अपनी कुछ सोच को विकसित करने के लिए हवा से चलने वाले यंत्र के माध्यम से बिजली के उत्पादन व उपयोग को दर्शाया है यह प्रक्रिया ऊर्जा संरक्षण दिवस के रूप में टाटा पावर कारपोरेशन डीडीएल के द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में  सर्वोदय बाल विद्यालय रमेश नगर नई दिल्ली के छात्र मयंक एवं नीरज ने इसमें भाग लेकर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया|विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानाचार्य जीी , ने बच्चों को प्रोत्साहन देकर कलात्मक ढंग से नए नए कीर्तिमान गठित करने की सलाह दी| समय का सदुपयोग करें मन लगाएं ,देश दुनिया में अपना और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें|

Check Also

आयुष्मान कार्ड नहीं है फिर भी क्या हम मुफ्त इलाज ले सकते हैं।

🔊 Listen to this सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : आयुष्मान कार्ड जो दिव्यांगों के पास नहीं …