हेनरी फासेट से दिव्यांगों को लेनी चाहिए विशेष सीख

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : हेनरी फासेट (1833-1884)  इंग्लैंड में जन्म, 1856 में कैंब्रिज विश्वविद्यालय में गणित में ऑनर्स, विश्वविद्यालय में सातवाँ स्थान,1857 में नेत्रहीन, कैंब्रिज में उच्च अध्ययन जारी, अर्थशास्त्र का अध्ययन करने के बाद 1863 में अर्थशास्त्र पर पुस्तक लिखी, 30 वर्ष की आयु में राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्राध्यापक नियुक्त, 1867 में विवाह, पत्नी के साथ महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष, पहले चुनाव में मात्र 155 वोट से पराजय, पर उसके बाद 23 वर्ष तक ब्रिटिश संसद के सदस्य, स्त्रियों के सुधार की लगातार वकालत, भारत की राजनीति में रुचि, 1880 में ब्रिटेन के पोस्टमास्टर जनरल नियुक्त,नेत्रहीनता के बावजूद डाकघरों और डाक-प्रणाली में सुधार, पार्सल की सुविधा उपलब्ध कराई, घुड़सवारी, नौका विहार, स्केटिंग, मछली पकड़ने, ताश खेलने का शौक, नम्र और मृदुभाषी स्वभाव।

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