योजना से दिव्यांगों को क्यों किया जा रहा है वंचित

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार :  दिव्यांग खेल एवं दिव्यांग छात्रों को यह अनुदान बिहार में क्यों नहीं मिलता है क्या बिहार के 5100000 दिव्यांग इस समाज का एक हिस्सा नहीं है क्या वह छात्र नहीं है पूरी योजना की जानकारी इस प्रकार है स्कूल में खेलकूद को बढ़ावा मिले, खेल गतिविधि अधिक से अधिक हो, इसके लिए सत्र 2022-23 से अनुदान राशि में बढ़ोतरी की गयी है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की मानें तो प्रारंभिक स्कूलों में पांच हजार प्रति स्कूल अनुदान दिया जायेगा। वहीं, मध्य विद्यालय में दस हजार प्रति स्कूल अनुदान दिया जायेगा। अभी तक प्रारंभिक स्कूलों को तीन हजार और मध्य विद्यालयों को पांच हजार रुपये दिये जाते थे। अब अनुदान राशि प्रारंभिक स्कूलों में 60 फीसदी और मध्य विद्यालय में 50 फीसदी बढ़ायी गयी है। खेलो इंडिया के तहत हर स्कूलों को अधिक से अधिक गतिविधियां करवानी है। इसके लिए सभी स्कूलों को शिड्यूल भी दिया जायेगा। शिड्यूल के अनुसार ही स्कूलों में गतिविधियां करवायी जाएंगी। हर स्कूल में गतिविधि पूरी हो, इसके लिए अनुदान की राशि बढ़ायी गयी है। पटना जिला शिक्षा कार्यालय की मानें तो खेलकूद के लिए अनुदान राशि कई सालों के बाद बढ़ायी गयी है। वहीं, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में अनुदान की राशि 25 हजार रखी गयी है। इन स्कूलों के लिए अनुदान राशि नहीं बढ़ायी गयी है। हर स्कूल में एक पीरियड होगा खेल कासभी सरकारी स्कूलों में एक पीरियड अब खेल के लिए रखना होगा। इसके लिए नये सत्र से स्कूल रूटीन में बदलाव किया जायेगा। यह बदलाव प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक किया जायेगा। ज्ञात हो कि स्कूलों में नया सत्र एक अप्रैल से शुरू होगा। हर स्कूल को नये सत्र से स्कूल रूटीन में एक पीरियड खेल के लिए रखना होगा। इससे खेल के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ेगी। इंडोर गेम के साथ ही आउटडोर गेम को भी बढ़ावा दिया जायेगा। डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान मनोज कुमार ने बताया कि खेल अनुदान बढ़ने से स्कूलों में खेल गतिविधियां बढ़ेंगी।

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