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दिव्यांगता का रोना नहीं रोना है आसमान को छूना है दोनों हाथ नहीं है पर बन गई पायलट

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार:जेसिका कॉक्स के दो हाथ नहीं है. लेकिन वह एक पायलट हैं. विमान उड़ाना उनका काम है. वह अपने दोनों पैरों की मदद से ही वे सारा काम कर डालती हैं जो लोग अपने हाथों से किया करते हैं. जानिए उनकी पूरी कहानी द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान की घटना के केंद्र में रखकर रूसी पत्रकार बोरिस पोलेवई ने एक किताब लिखी थी- ए स्टोरी अबाउट ए रीयल मैन (असली इंसान). इसमें बताया गया था कि कैसे एक पायलट के दोनों पैर कट जाने के बाद भी उसने सेना के लिए लड़ाकू विमान उड़ाया. लेकिन इसी तरह का एक नया और बहादुरी का मामला सामने आया है. इसने एक महिला की जीजिवषा और इच्छाशक्ति की मिसाल कायम कर दी है. ये कहानी है जेसिका कॉक्स (Jessica Cox) की.जेसिका कॉक्स के दो हाथ नहीं है. लेकिन वह एक पायलट हैं. विमान उड़ाना उनका काम है. वह अपने दोनों पैरों की मदद से ही वे सारा काम कर डालती हैं जो लोग अपने हाथों से किया करते हैं.हाल ही में ये तब चर्चा में आईं, जब इन्हें हवाई जहाज उड़ाने का लाइसेंस मिला. ऐसा माना जाता है कि वे इस दुनिया की पहली ऐसी पायलट हैं जो बिना हाथों वाली पायलट हैं.हाल ही में जेसिका का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कर लिया गया है. बताया जाता है कि जेसिका ना केवल अपने पैरों से हवाई जहाज उड़ाने के अलावा वे अपने निजी जिंदगी के ज्यादातर काम खुद ही अपने पैरों से कर लेती हैं.जानकारी के अुनसार जेसिका अमेरिका की एरिजोना की रहने वाली हैं. बचपन में ही कुछ शारीरिक परेशानियों के चलते उनके हाथ हटाने पड़े थे. बाद में उन्हें नकली हाथ से कुछ दिनों तक काम चलाया. लेकिन बाद में उन्होंने नकली हाथ ह‌टा दिया.इस वक्त जेसिका 34 साल की हैं. वह एक तेजतर्रार पायलट में शुमार की जाती हैं. वह अपने पैर से ही बेहद तेजी से कम्यूटर चलाती हैं. उन्हें घुड़सवारी का भी शौक है.बताया जाता है कि जेसिका ने अपनी 22 साल की उम्र में ही हवाई जहाज चलाने की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी. उम्र के 25वें साल में वे हवाई जहाज उड़ाना शुरू कर चुकी थीँ. लेकिन उनके काम को पहचान अब जाकर मिली है. अब उनकी सगाई भी हो गई।

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