बेरोजगार दिव्यांग व्यक्ति को मिल सकता है इस प्रकार रोजगार ‌‌।

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार :दिव्यांग व्यक्ति आसानी से शुरू कर सकते हैं यह काम आप भी अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो आप पेट्रोल-डीजल की होम डिलीवरी के लिए ऑनलाइन बुकिंग ले सकते हैं। आप डोर-टू-डोर फ्यूल बेचने का कारोबार कर अच्छी कमाई कर सकते हैं। सबसे पहले आपको इसके लिए एक एप या वेबसाइट डेवलप करना पड़ेगा। ऐप पर ग्राहक ऑनलाइन या मैसेज के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं।पेट्रोल की घर पर डिलीवरी इन दिनों मोबाइल, लैपटॉप, गारमेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ तकरीबन हर तरह के प्रोडक्ट की होम डिलीवरी की जाती है। आप ई-कॉमर्स वेबसाइट या ऐप से शॉपिंग करते हैं और कुछ ही घंटों के अंदर आपके घर पर सामान की डिलीवरी हो जाती है। पिछले कुछ समय से देश में ग्रॉसरी और फल सब्जियों की भी होम बढ़ रहा है ट्रेंड दो पहिया वाहन पर चलने वाले लोग कई बार इस तरह की परेशानी का सामना करना करते हैं कि उनका पेट्रोल अचानक खत्म हो गया है। अगर आप किसी तेल कंपनियां देंगी इजाजत अगर आप भी पेट्रोल-डीजल की होम डिलीवरी का कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको पहले ऑयल कंपनियों से कांटेक्ट करना होगा। ऑयल कंपनियां आपके प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) मांगती हैं। अगर आपके डीपीआर कंपनियों को पसंद आए तो आपको पेट्रोल-डीजल की होम डिलीवरी करने की इजाजत मिल जाती है। इसके लिए हालांकि न्यूनतम मात्रा तय है, कोई भी ग्राहक उस मात्रा से कम पेट्रोल-डीजल नहीं मंगा सकता। सुनसान रास्ते पर हैं और वहां आस पास कोई पेट्रोल पंप नहीं है तो ऐसे मुश्किल वक्त में पेट्रोल की होम डिलीवरी करने वाले ऐप से आपको काफी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही बहुत से लोग पेट्रोल पंप पर जाकर लाइन लगाना नहीं चाहते, वह भी अपने घर पर कार या अन्य वाहन के लिए पेट्रोल-डीजल की होम डिलीवरी करवाते हैं। डिलीवरी तुरंत की जा रही है। इसके साथ ही मीटी-फिश, चिकन जैसी चीजें भी घर पर डिलीवर कराई जा रही है।नोएडा में है पेपफ्यूल नोएडा में एक ईंधन डिलीवरी स्टार्टअप पेप फ्यूल ने कुछ दिनों पहले से कामकाज शुरू किया है। स्टार्टअप के फाउंडर टिकेन्द्र ने बताया कि इस पर काफी रिसर्च करने की जरूरत पड़ी। घर-घर जाकर लोगों से बात की और ऑनलाइन फीडबैक भी लिया। लोगों की प्रतिक्रिया में पता चला कि हर दूसरा व्यक्ति पेट्रोल-डीजल ही होम डिलीवरी के लिए ऑनलाइन ऐप चाहता था। प्रधानमंत्री ऑफिस से मिली मंजूरी शुरुआत में पेपफ्यूल के संस्थापकों ने पीएमओ (प्रधानमंत्री ऑफिस) को अपने बिजनेस का आइडिया भेजा। वहां से कुछ दिन में मंजूरी मिल गयी। फिर इंडियन ऑयल ने उनसे एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट पेश करने को कहा। इंडियन ऑयल से मंजूरी लेने के बाद उन्होंने बिजनेस की शुरुआत की। उन्होंने अपने बिजनेस का आइडिया इंडियन ऑयल के अलावा भारत पेट्रोलियम, पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस आदि कंपनियों को भी भेजा था।आप कैसे करें बिजनेस आप भी इसी प्रोसेस के तहत अपना ऑनलाइन फ्यूल बिजनेस शुरू कर सकते हैं। आपको इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस के अलावा सरकारी मदद भी मिल सकती है। हालांकि इसके लिए कम से कम 12 लाख रु के निवेश की जरूरत पड़ सकती है। यदि आपको पैसे की जरूरत है तो सरकार की मुद्रा योजना आपके बहुत काम आ सकती है। इस योजना के तहत बिजनेस शुरू करने और उसे बढ़ाने के लिए लोन मिलता है।मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रु तक का लोन लिया जा सकता है। इनमें यदि आप अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको शिशु लोन यानी 50 हजार रुपये की मदद मिलेगी। वहीं किशोर मुद्रा लोन स्कीम के तहत 50 हजार रु से 5 लाख रु तक का लोन मिल सकता है। इसी तरह तरुण लोन कैटेगरी में 10 लाख रु तक की मदद मिल सकती है।डीजल से की शुरुआत 2016 तक सरकार ने पेट्रोल की डिलिवरी की छूट नहीं दी थी। इसलिए पेपफ्यूल ने शुरुआत डीजल से की। बाकी अब हाल ही में सरकार ने पेट्रोल की डिलिवरी की भी इजाजत दे दी है। डीजल से शुरुआत करने वाले पेपफ्यूल के संस्थापकों ने काफी मेहनत की। अगर आप भी पेट्रोल-डीजल की ऑनलाइन डिलीवरी का कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो बता दें कि इसमें काफी जोखिम भी है।कार में खत्म हुआ पेट्रोल नोएडा की पेट्रोल-डीजल डिलीवरी स्टार्टअप पेप फ्यूल का कारोबार 100 करोड़ रुपये के पार चला गया है। कंपनी के संस्थापक एक बार कार में पेट्रोल खत्म होने के बाद पेट्रोल पंप ढूंढ रहे थे। करीब 10 किलोमीटर के दायरे में उन्हें कोई पेट्रोल पंप नहीं मिला और कार को धक्का मार कर ले जाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने पेट्रोल डीजल की होम डिलीवरी से संबंधित कारोबार करने के बारे में सोचा।

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