हाथ से दिव्यांगता क्या है कैसे बनेगा उनका आधार कैसे होगा उनका जीवन साकार।

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : आधार एनरोलमेंट को आसान बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने कहा कि ‘आधार’ (Aadhaar) के लिए पात्र व्यक्ति उंगलियों के निशान उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ‘आईरिस स्कैन’ (IRIS Scan) का उपयोग करके नामांकन कर सकता है यह बयान इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर द्वारा केरल में एक महिला जोसीमोल पी जोस के नामांकन को सुनिश्चित करने के लिए आया है. महिला हाथ की उंगलियां नहीं होने के कारण आधार के लिए नामांकन नहीं कर सकी थी.बयान के अनुसार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की एक टीम ने उसी दिन केरल के कोट्टायम जिले के कुमारकम में रहने वाली जोस से उसके घर पर मुलाकात की और उसका आधार नंबर तैयार किया. चंद्रशेखर ने कहा कि सभी आधार सेवा केंद्रों (Aadhaar Service Kendras) से कहा गया है कि वैकल्पिक बायोमेट्रिक्स लेकर धुंधली उंगलियों के निशान या इसी तरह की दिव्यांगता वाले अन्य लोगों को आधार जारी किया जाना चाहिए.बयान के अनुसार, एक व्यक्ति जो आधार के लिए पात्र है, लेकिन उंगलियों के निशान देने में असमर्थ है, वह केवल आईरिस स्कैन (IRIS Scan) का उपयोग करके नामांकन कर सकता है. इसी प्रकार, एक पात्र व्यक्ति जिसकी आंखों की पुतली किसी भी कारण से नहीं ली जा सकी है, वह केवल अपने फिंगरप्रिंट का उपयोग करके नामांकन कर सकता है.इसमें कहा गया कि उंगली और आईरिस बायोमेट्रिक्स, दोनों ही देने में असमर्थ व्यक्ति का नाम, लिंग, पता, जन्मतिथि का उपलब्ध बायोमेट्रिक्स के साथ मिलान किया जाता है. अब तक, यूआईडीएआई ने लगभग 29 लाख लोगों को आधार नंबर जारी किए हैं जिनकी उंगलियां गायब थीं या अन्यथा उंगली या आईरिस या दोनों बायोमेट्रिक्स प्रदान करने में असमर्थ थे.UIDAI ने उन कारणों की भी जांच की कि सुश्री जोसिमोलिन को पहले नामांकन के दौरान आधार नंबर जारी क्यों नहीं किया गया और पता चला कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आधार नामांकन ऑपरेटर ने असाधारण नामांकन प्रक्रिया का पालन नहीं किया था

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आवश्यक सूचना दिव्यांगों के लिए दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत।

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