सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार पटना: बार काउंसिल ऑफ इंडिया का जो एग्जाम पटना में लिया जा रहा है उसमें सामान छात्रों की तरह दिव्यांग छात्र से पूरे पैसे दिए जा रहे जबकि नई दिव्यांग अधिनियम 2016 में इस बात का उल्लेख मिलता है की कोई भी परीक्षा शुल्क में दिव्यांग आरक्षण के तहत दिव्यांगों को छूट दिया जाएगा लेकिन इन कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों को दिव्यांग अधिनियम का कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है और जो कोट दूसरे से नियमों का पालन करवाता है खुद नियम का पालन नहीं कर रहा तभी तो आम छात्रों की तरह दिव्यांग छात्रों से भी पैसे ले रहा है अब सोचने की बात है कि एक तरफ तो सरकार दिव्यांगों की शिक्षा स्थिति को सुधारने के लिए तरह-तरह के अभियान चला रही है और देश के महज 2% दिव्यांग हैं उच्च शिक्षा को प्राप्त करते हैं उसमें भी इस प्रकार का अगर कदाचार होगा तो दिव्यांग छात्र किस प्रकार आगे बढ़ सकते हैं एक सवाल यह भी है की जो न्यायालय जो दूसरे से नियम का पालन करवाता है वह दिव्यांग अधिनियम 2016 का इतना बड़ा उल्लंघन हो रहा है और उससे पीड़ित है दिव्यांग छात्र तो उस नियम का पालन कब करेगा और कब दिव्यांग छात्रों को उनका मौलिक अधिकार और संवैधानिक अधिकार मिल पाएगा हमारा अनुरोध है दिव्यांग समाज की तरफ से जल्द से जल्द इस नियम को बहाल की जाऐ ताकि दिव्यांग समाज के साथ न्याय हो सके
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